राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरसाना में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर विविध प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

दूसरों के उदाहरणों से प्रेरणा लेकर स्वयं एक उदाहरण बनना ही सच्चे शिक्षक और सच्चे विद्यार्थी की पहचान है :- राजेश वशिष्ठ

राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरसाना में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर विविध प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

जींद: - राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरसाना में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के शिक्षकों द्वारा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों ने ड्राइंग, पेंटिंग, सुलेख, भाषण और स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के महत्व और समाज में अपनी भूमिका को रेखांकित किया।हिंदी उच्चारण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शुद्ध उच्चारण के साथ कम समय में अधिक शब्दों का पाठ कर अपनी भाषाई दक्षता का परिचय दिया। पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने पर्यावरण प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में “मेरे जीवन का लक्ष्य” विषय पर विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक प्रमोद बंसल ने विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की महत्ता के बारे में जानकारी दी और बताया कि विज्ञान जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति का आधार है। शिक्षक राजेश वशिष्ठ ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि यह दिन भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की शिक्षा व्यवस्था की नींव रखी। राजेश वशिष्ठ ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा,
“शिक्षक हैं हम, शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे, भारत के नन्हे-मुन्नों की तक़दीर बदल देंगे।” उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि दूसरों के उदाहरणों से प्रेरणा लेकर स्वयं एक उदाहरण बनना ही सच्चे शिक्षक और सच्चे विद्यार्थी की पहचान है। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और शिक्षकों के मार्गदर्शन की प्रशंसा की।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि इसने शिक्षा के महत्व और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की गहराई को भी उजागर किया। विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह और ज्ञान का वातावरण बना रहा।

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