राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरसाना में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बाल दिवस
बाल दिवस समारोह के अंत में बच्चों ने सामूहिक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया
जींद । राजकीय माध्यमिक विद्यालय बरसाना में बाल दिवस का आयोजन बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान और रंग-बिरंगी गतिविधियों से गूंज उठा। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें ड्राइंग, पेंटिंग, भाषण, रंगोली, कहानी, दौड़, ऊँची कूद तथा सामूहिक गीत प्रतियोगिता शामिल थीं। बच्चों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया । कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के मुख्याध्यापक श्री जंग बहादुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनमें असीम संभावनाएँ छिपी होती हैं। उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से वे जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं, इसलिए विद्यालयों में ऐसी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्याध्यापक द्वारा पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर पुरस्कार प्राप्त करने की खुशी देखते ही बनती थी।
शिक्षक सुखबीर और प्रमोद बंसल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगामी मॉडल प्रतियोगिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाते हैं। शिक्षक राजेश वशिष्ठ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों ने आज बाल दिवस को पूरे मनोयोग और रुचि के साथ मनाया। उनका मानना है कि हर दिन बाल दिवस होना चाहिए, बस सोच सकारात्मक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भी बच्चों की रुचि आधारित शिक्षा पर बल दिया था और कहा था कि बच्चों को खुला वातावरण मिलना चाहिए ताकि वे बिना भय के सीख सकें। राजेश वशिष्ठ ने बच्चों को यह भी बताया कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस को ही बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने नेहरू जी के बच्चों के प्रति प्रेम और स्नेह की भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेहरू जी हमेशा बच्चों को देश की अमूल्य संपत्ति मानते थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य — पूनम, प्रेम, सुखबीर और प्रमोद — ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
बाल दिवस समारोह के अंत में बच्चों ने सामूहिक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। विद्यालय परिसर में बच्चों की हँसी और उत्साह से भरा माहौल देखकर सभी शिक्षकों और अभिभावकों के चेहरे खिल उठे। यह आयोजन बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और रचनात्मकता का सुंदर उदाहरण बन गया।

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