निपुण गतिविधियों को लेकर बैठक का किया आयोजन
जिला समन्वयक एफ.एल.एन. राजेश वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुआ बैठक का आयोजन
निपुण गतिविधियों को लेकर बैठक सम्पन्न
जिला समन्वयक एफ.एल.एन. राजेश वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुआ बैठक का आयोजन
जींद :- जिला मौलिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में जिला समन्वयक एफ.एल.एन. राजेश वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिले के सभी सातों खंडों के ब्लॉक कॉर्डिनेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में चल रही निपुण भारत मिशन की गतिविधियों की समीक्षा करना और हाल ही में हुए थर्ड पार्टी असेसमेंट में कैटेगरी ‘C’ में आए विद्यालयों की स्थिति पर गहन चर्चा करना था। बैठक में सभी सातों खंडों के ब्लॉक कॉर्डिनेटरों ने भाग लिया। श्री वशिष्ठ ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 तक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता में निपुण बनाना है। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी असेसमेंट के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ विद्यालय अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच पाए हैं, जिसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बैठक में कैटेगरी ‘C’ में आए विद्यालयों के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन विद्यालयों को ‘C’ से ‘B’ और ‘B’ से ‘A’ कैटेगरी में लाने के लिए विद्यालय मुखियाओं और कक्षा इंचार्जों को व्यवस्थित कार्य योजना तैयार करने और उसे प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए ।जिला समन्वयक ने सभी ब्लॉक कॉर्डिनेटरों को निर्देशित किया कि वे स्वयं कैटेगरी ‘C’ में आए विद्यालयों का स्वयं भी निरीक्षण करें और वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। उन्होंने कहा कि संबंधित क्लस्टर हेड और खंड शिक्षा अधिकारी भी इन विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे ताकि सुधारात्मक कदमों की निगरानी सुनिश्चित की जा सके ।इसके साथ ही, जिला स्तर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की जाएगी। यह टीम सेंसस - 2 में कैटेगरी ‘C’ में आए विद्यालयों का दौरा कर बच्चों, विद्यालय मुखियाओं और कक्षा इंचार्जों से संवाद करेगी। टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक एफ.एल.एन. को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। राजेश वशिष्ठ ने बताया कि फरवरी माह के अंत में निदेशालय की ओर से एफ.एल.एस. (फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी ) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कक्षा तीसरी के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस मूल्यांकन में हिन्दी माध्यम और अंग्रेजी माध्यम दोनों के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एस सी ई आर टी गुरुग्राम की ओर से डाइट को जिला स्तर पर एफ.आई. (फील्ड इंवेस्टिगेटर ) लगाने के लिए अधिकृत किया गया है। एफ.आई. हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग-अलग होंगे। निदेशालय की ओर से विद्यालयों को सेम्पल पेपर भेजे जाएंगे, साथ ही जिला स्तर पर भी टीम सदस्य अपने सेम्पल पेपर तैयार कर विद्यालयों को भेजेंगे। शिक्षकों को भी अपने स्तर पर बच्चों की तैयारी करवाने के लिए सेम्पल पेपर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चे मूल्यांकन के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।बैठक के दौरान राजेश वशिष्ठ ने शिक्षकों की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है। शिक्षक बच्चों में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने कहा कि निपुण भारत अभियान का उद्देश्य बच्चों में रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर उन्हें समझ आधारित शिक्षा की ओर अग्रसर करना है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और आत्मविश्वास जगाते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः आता है। शिक्षक समाज का आईना होता है और उसकी भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण होती है। बैठक के अंत में सभी ब्लॉक कॉर्डिनेटरों ने जिला समन्वयक एफ.एल.एन. राजेश वशिष्ठ को विश्वास दिलाया कि वे अपने-अपने खंडों में निपुण गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और अपने खंड को राज्य स्तर पर पहला स्थान दिलाने का हर संभव प्रयास करेंगे।इस अवसर पर सभी ब्लॉक कॉर्डिनेटरों ने यह भी संकल्प लिया कि वे विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे, ताकि जिला जींद राज्य स्तर पर निपुण भारत मिशन में एक मॉडल जिला के रूप में स्थापित हो सके ।

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