पहला कदम फाउंडेशन ने मनाया विश्व हिंदी दिवस
शिक्षाविदों ने रखे अपने अपने विचार विचार :- राजेश वशिष्ठ
पहला कदम फाउंडेशन ने अपने कार्यालय में विश्व हिंदी दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिक्षाविदों, समाजसेवियों और फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार और समाज में उसकी भूमिका पर चर्चा करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश वशिष्ठ ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति को अपने देश और उसकी संस्कृति से प्रेम होना चाहिए, और उस प्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक उसकी मातृभाषा होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति उसकी निज भाषा में ही संभव है। यदि हम अपनी भाषा को भूल जाएंगे, तो अपनी संस्कृति और पहचान से भी दूर हो जाएंगे। इसलिए हिंदी के प्रचार-प्रसार में हर नागरिक को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। राजेश वशिष्ठ ने यह भी कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीयता की आत्मा है। यह भाषा देश के कोने-कोने को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हिंदी में संवाद करने, लिखने और पढ़ने की आदत डालें ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी मातृभाषा पर गर्व कर सकें। इस अवसर पर शिक्षाविद मांगे राम ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा में अपार संभावनाएं हैं और यह विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दें और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि हिंदी केवल भारत की नहीं, बल्कि विश्व की एक प्रमुख भाषा बन चुकी है। आज विश्व के अनेक देशों में हिंदी पढ़ाई जा रही है और लोग इसे सीखने में रुचि दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देंगे और समाज में हिंदी के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को मजबूत करेंगे। कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन के सदस्यों ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ विश्व हिंदी दिवस का यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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