डाइट इक्कस में डीपीआईयू बैठक संपन्न,
एफएलएन गतिविधियों को गति देने पर जोर
डाइट इक्कस में डीपीआईयू बैठक संपन्न, एफएलएन गतिविधियों को गति देने पर जोर
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) इक्कस में जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई (डीपीआईयू) की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने की, जबकि प्रधानाचार्य डाइट इक्कस मुन्नी देवी ने सचिव के रूप में संचालन किया। बैठक में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, एबीआरसी, बीआरपी, क्लस्टर हेड तथा अन्य शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही एफएलएन गतिविधियों की समीक्षा करना और आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार करना रहा।
एफएलएन गतिविधियों की समीक्षा :- जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने जिले में चल रही एफएलएन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बैठक में सेंसस रिजल्ट, सी कैटेगरी में आए विद्यालयों, तथा बॉटम 10 विद्यालयों की एफएलएन विजिट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही बच्चों के शैक्षणिक स्तर की जांच के लिए जिला स्तरीय और खंड स्तरीय टीमों के गठन पर भी विचार-विमर्श हुआ।राजेश वशिष्ठ ने बताया कि मार्च माह में कक्षा तीसरी के बच्चों के लिए एफएलएस पेपर आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए सभी विद्यालयों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मूल्यांकन बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगा।
वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी पर चर्चा :-बैठक में कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि सत्र का समापन निकट है, इसलिए सभी विद्यालयों को समय पर परीक्षाओं की तैयारी पूरी करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें सुधारने के लिए विशेष प्रयास करें।
एफएलएन के महत्व पर बल :- प्रधानाचार्य डाइट इक्कस मुन्नी देवी ने कहा कि एफएलएन कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यक्रम बच्चों को खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया से जोड़ता है और रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर समझ के साथ पढ़ने और सीखने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि एफएलएन गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।उन्होंने कहा कि सभी एबीआरसी, बीआरपी और क्लस्टर हेड्स विभाग द्वारा निर्धारित एफएलएन विजिट को समय पर पूरा करें, एप क्लस्टर का पूरा रिकॉर्ड रखें और जिन बच्चों की दक्षता कमजोर है, उन पर विशेष ध्यान दें।
अधिकारियों ने रखे अपने विचार :- जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने कहा कि सभी सीआरसी को अपने क्लस्टर में एफएलएन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक डीपीआईयू सदस्य एक ऐसे विद्यालय को गोद ले, जहां एफएलएन गतिविधियां अपेक्षाकृत कम हैं, ताकि वहां सुधार लाया जा सके। उन्होंने कहा कि “हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा ताकि जिले के सभी बच्चे निपुण बन सकें।” खंड शिक्षा अधिकारी रणपाल और सुरेश मलिक ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि एफएलएन कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अमनदीप, प्रवीण, बलराज, कुसुम, सुमन और पुष्पा ने भी एफएलएन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक और व्यवहारिक बनाने के लिए शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों का प्रयोग करना चाहिए।एस पी आई यू सदस्य आयुषी राय ने जिले की कंपिटेनशी से सभी को अवगत करवाया ओर पूरे उत्साह से निपुण अभियान को सफल बनाने का संदेश दिया

समग्र शिक्षा विभाग का मार्गदर्शन :-बैठक में डीपीसी समग्र शिक्षा किरण बाला और उप जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पा मोर ने भी उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एफएलएन कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव है। उन्होंने सभी शिक्षकों और अधिकारियों से अपील की कि वे इस मिशन को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करें। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में एफएलएन गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि हर बच्चा निपुण भारत मिशन के लक्ष्य के अनुरूप बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता प्राप्त कर सके।
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